यह खंड कुछ प्रत्यक्षतः असंभव दिखने वाले चित्रों व दृश्यों को प्रदर्शित करता है तथा यह बताता है कि किस तरह गति व प्लेसमेंट के कारण हमारे दृश्यबोध पर फर्क पड़ता है जिसे कंप्यूटर आधारित क्रिया कलापों के माध्यम से देखा और परखा जा सकता है।