भू-अन्वेषण हॉल:

पृथ्वी पर आधारित एक विशेष स्थायी प्रदर्शनी, भू-अन्वेषण हॉल (अर्थ एक्सप्लोरेशन हॉल) को 6 दिसंबर, 2008 के दिन दर्शकों के लिए खोला गया। यह प्रदर्शनी एक दो-मंज़िला, 25 मीटर व्यास वाली अर्धगोलाकार इमारत में स्थापित है, जिसकी निचली मंज़िल में दक्षिणी गोलार्द्ध और ऊपरी मंज़िल में उत्तरी गोलार्द्ध के विवरण प्रदर्शित हैं। हॉल के बीचों-बीच पृथ्वी का एक बड़ा सा ग्लोब स्थित है, जिसके चारों तरफ़ धरती से संबंधित सभी मुख्य मुद्दों पर मल्टीमीडिया प्रस्तुतियाँ हैं। यह प्रदर्शनी हर एक गोलार्द्ध के लिए 12 बराबर देशान्तरीय खंडों में विभक्त है और प्राकृतिक भूगोल, भू-विज्ञान, भूमि व निवासी, वनस्पति और जीव जैसे प्रत्येक खंड की सभी महत्वपूर्ण विशिष्टताओं को प्रदर्शनी में दर्शाया गया है। केन्द्रीय ग्लोब के चारों तरफ़ आधुनिक प्रौद्योगिकी की सहायता से पृथ्वी की गतिशील प्राकृतिक घटनाओं पर प्रकाश डाला गया है। सूचना की बहाली और दर्शकों की रूचि को बनाए रखने के लिए अंतर्कियात्म बहुमाध्यम प्रस्तुति का प्रयोग किया गया है। हस्त प्रचालित प्रदर्श पृथ्वी की विभिन्न प्राकृतिक घटनाओं की व्याख्या हेतु प्रदर्शनी के पूरक तत्व होते हैं।
इसके अलावा भू-अन्वेषण हॉल में एक थ्री-डी थियेटर भी है जहाँ दर्शक एक विशेष पोलारॉयड चश्मे पहनकर धरती की गतिशील प्राकृतिक घटनाओं का त्रि-आयामी अवलोकन कर सकते हैं।