विज्ञान नगरी में आपका स्वागत है

विज्ञान नगरी का उद्‍घाटन 1 जुलाई 1997 को किया गया। विज्ञान नगरी को कोलकाता के निवासियों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के लिए एक मुख्य आकर्षण के रुप में विकसित किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा विकसित यह नगरी दुनिया के सबसे बड़े और सर्वोत्तम नगरियों में से एक है। विज्ञान नगरी विज्ञान और प्रोद्योगिकी को प्रेरणादायक और रोचक वातावरण प्रदान करती है जो कि सभी आयोवर्ग के लोगों के लिए सही अर्थों में शैक्षिक और आनंददायक है। पिछले कुछ वर्षों में विज्ञान नगरी युवा और वृद्धों के लिए एक आनंददायक और अविस्मरणीय अनुभव का स्थल बन गया है।

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वर्तमान आकर्षण

गोलक पर विज्ञान

विज्ञान नगरी ने देश के पूर्वी भाग में पहली बार अत्याधुनिक सुविधा से सम्पन्न ‘गोलक पर विज्ञान’ नामक अपनी तरह की एकमात्र सुविधा प्रारंभ की है। कक्ष के आकार की यह गोलाकार प्रक्षेपण प्रणाली कम्प्यूटरों व विडियो प्रक्षेपकों के उपयोग से विशालकाय एनिमेटेड, ग्लोब के अनुरूप १.८० मीटर व्यास के गोलक पर ग्रह संबंधी आँकड़े दर्शाती है। यह सभी आयुवर्गों के लिए पृथ्वी की गतिशील प्रक्रियाओं व संबंधित विज्ञान को समझने में एक प्रभावी शैक्षिक उपकरण के रूप में सहायता प्रदान करेगी।

जीवन का विकास क्रम - एक अज्ञात यात्रा

इस प्रदर्शनी में ५६ यंत्र मानव आकार के जानवरों के प्रतिरूप हैं जो सात खंडों में विभाजित हैं। ये खंड जीवन क्रम विकास की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाते हैं और संबंधित युग के जीव रूपों को दर्शाते हैं। परिदर्शकों को प्रकाश व ध्वनि के विशेष प्रभवों द्वारा अनुपूरित, मन को तल्लीन करने वाले इस अनुभव की प्राप्ति हेतु मंद गति से चलती हुई विद्युत चालित वाहन से ले जाया जाता है। परिदर्शकों को प्रत्येक खंड का परिचय कम्प्यूटर जनित प्रतिमावली की सहायता से एक विशिष्ट दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति के द्वारा दिया जाता है।

डिजिटल पैनोरमा

विश्व में अपने प्रकार के प्रथम डिजिटल पैनोरमा होने के फलस्वरूप यह विगत ६ मिलियन वर्षों के दौरान धरित मानव विकासक्रम की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाता है । प्रदर्शनी मानव विकासक्रम की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रदर्शित करने वाला मनोरम छवि के साथ आरंभ होती है। इसके बाद मानव विकासक्रम पर तीन भाषाओं १२ मिनटों की एक गतिमान फिल्म सस्वर तीन भाषाओं में दिखायी जाती है जो शक्तिशाली डिजिटल प्रेक्षेपकों की मदद से विशाल बेलनाकार पर्दे पर प्रक्षेपित होती है। जिसमें दक्षिण अफ्रीका एंव भारत के वास्तविक चित्र हैं। जिनका कम्प्यूटर जनित त्रिविमीय फोटोयथार्थिक छवियों से विलय हो गया है।

पिछली घटनाएं

ताज़ा खबर

विज्ञान नगरी कोलकाता ने स्पेस थिएटर को द्विविमीय/त्रिविमीय डिजिटल थिएटर में उन्नत करने का कार्य शुरू किया है।

विज्ञान नगरी कोलकाता ने स्पेस थिएटर को द्विविमीय/त्रिविमीय डिजिटल थिएटर में उन्नत करने का कार्य शुरू किया है। इस कार्य हेतु १ मार्च २०१७ से अगली सूचना तक स्पेस थिएटर बंद रहेगा।

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१५ से ३० सितंबर २०१६ के दौरान स्वच्छता पखवाड़े का अवलोकन

” स्वच्छ भारत मिशन-तंत्र ” के संबंध में साइंस सिटी, कोलकाता में १६ , २२ और ३० सितंबर २०१६ को स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जायेगा । कोलकाता के विभिन्न स्कूलों के छात्र इन सभी दिनों में साइंस सिटी के परिसर में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे।

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हिन्दी पखवाड़ा २०१६

भारत सरकार के निदेशानुसार हर वर्ष सितंबर १४ को हिन्दी दिवस मनाया जाता हैं । हिन्दी का व्यापक प्रयोग तथा जागरूकता लाने के लिए भारत सरकार के समस्त केन्द्रीय कार्यालय, सरकारी उपक्रम आदि में हर वर्ष सितंबर महीना में हिन्दी दिवस, हिन्दी सप्ताह, हिन्दी पखवाड़ा तथा हिन्दी माह मनाया जाता हैं । विज्ञान नगरी कोलकाता

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